हेलो दोस्तों,
आज में आपको अकाउंट में किसी भी जर्नल एंट्री का फाइनल अकाउंट यानि प्रॉफिट एंड लोस्स अकाउंट और बैलेंस शीट पर क्या प्रभाव पड़ता है वो बताऊंगा
इसको हम कुछ उदाहरण की सहायता से समझते है -
मान लीजिये हमने किसी सप्लायर से 1120000 का माल खरीदा जिस पर 12 % जीएसटी भी दिया है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Purchases Account A/c Dr. 100000
Cgst@6% A/c Dr. 6000
Sgst@6% A/c Dr. 6000
To Sundry Creditors A/c 112000
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
प्रॉफिट एंड लोस्स खाते में बाये तरफ क्रय खाते से 100000 और दाए तरफ सकल हानि से 100000 आएगा
बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में जीएसटी खाते में 12000 Dr. Balance, Sundry Creditors 1120000 Cr. Balance चालू दायित्व 100000 राशि से क्रेडिट दिखाएंगे
बैलेंस शीट के सम्पति पक्ष में सकल हानि 100000 दिखेगी या दायित्व पक्ष में 100000 डेबिट में हानि दिखेगी
इस प्रकार बैलेंस शीट की टोटल 100000 से दोनो पक्ष बराबर हो जायेगा
मान लीजिये हमने किसी सप्लायर को 100000 का भुगतान दिया है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Sundry Creditors A/c Dr. 100000
To Cash in hand 100000
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
इस एंट्री का लाभ हानि खाते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में Sundry Creditors 100000 से कम होकर शेष राशि से क्रेडिट बैलेंस दिखायेगा और एक लाख से ही Cash in hand से कम होकर शेष राशि डेबिट बैलेंस दिखेगा
मान लीजिये हमने किसी रेसिपिएंट को 134400 का माल बेचा जिस पर 12 % जीएसटी भी लिया है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Recipients Account A/c Dr. 134400
To Sales A/c 120000
To Cgst@6% A/c 7200
To Sgst@6% A/c 7200
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
प्रॉफिट एंड लोस्स खाते में दाये तरफ बिक्री खाते से 120000 और बाये तरफ क्रय खाते से 100000 और 20000 सकल लाभ आएगा
बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में जीएसटी खाते में 2400 Cr. Balance, 20000 Profit & Loss, Sundry Creditors 12000 Cr. Balance, Sundry Debtors 134400 Dr. Balance और 100000 से Stock कम होकर कुल योग दायित्व का 34400 और सम्पति पक्ष का भी 34400 होगा
मान लीजिये हमको किसी रिसिपिएंट से 120000 का भुगतान प्राप्त हुआ है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Cash in Hand A/c Dr. 120000
To Sundry Debtors A/c 120000
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
इस एंट्री का लाभ हानि खाते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन बैलेंस शीट के सम्पति पक्ष में Sundry Debtors 120000 से कम होकर शेष राशि से डेबिट बैलेंस दिखायेगा और एक लाख बिस हजार से Cash in hand वृद्धि होकर शेष राशि डेबिट बैलेंस दिखेगा
इस पुरे लेख को अगर संक्षिप्त रूप से समझे तो यह है की कुल बिक्री और अप्रत्यक्ष आय में से जब हम , सभी खरीद प्रत्यक्ष खर्च अप्रत्यक्ष खर्च घटा देते है तो शेष बची राशि को लाभ हानि खाते में ले जाया जाता है और इन वित्तीय लेन देन से सम्बंधित खाते के शेष बैलेंस शीट में दिखाई पड़ते है इसलिए ऐसे बैलेंस शीट कहते है
दोस्तों आपको ये मेरी जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताये धन्यवाद
आज में आपको अकाउंट में किसी भी जर्नल एंट्री का फाइनल अकाउंट यानि प्रॉफिट एंड लोस्स अकाउंट और बैलेंस शीट पर क्या प्रभाव पड़ता है वो बताऊंगा
इसको हम कुछ उदाहरण की सहायता से समझते है -
मान लीजिये हमने किसी सप्लायर से 1120000 का माल खरीदा जिस पर 12 % जीएसटी भी दिया है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Purchases Account A/c Dr. 100000
Cgst@6% A/c Dr. 6000
Sgst@6% A/c Dr. 6000
To Sundry Creditors A/c 112000
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
प्रॉफिट एंड लोस्स खाते में बाये तरफ क्रय खाते से 100000 और दाए तरफ सकल हानि से 100000 आएगा
बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में जीएसटी खाते में 12000 Dr. Balance, Sundry Creditors 1120000 Cr. Balance चालू दायित्व 100000 राशि से क्रेडिट दिखाएंगे
बैलेंस शीट के सम्पति पक्ष में सकल हानि 100000 दिखेगी या दायित्व पक्ष में 100000 डेबिट में हानि दिखेगी
इस प्रकार बैलेंस शीट की टोटल 100000 से दोनो पक्ष बराबर हो जायेगा
मान लीजिये हमने किसी सप्लायर को 100000 का भुगतान दिया है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Sundry Creditors A/c Dr. 100000
To Cash in hand 100000
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
इस एंट्री का लाभ हानि खाते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में Sundry Creditors 100000 से कम होकर शेष राशि से क्रेडिट बैलेंस दिखायेगा और एक लाख से ही Cash in hand से कम होकर शेष राशि डेबिट बैलेंस दिखेगा
मान लीजिये हमने किसी रेसिपिएंट को 134400 का माल बेचा जिस पर 12 % जीएसटी भी लिया है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Recipients Account A/c Dr. 134400
To Sales A/c 120000
To Cgst@6% A/c 7200
To Sgst@6% A/c 7200
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
प्रॉफिट एंड लोस्स खाते में दाये तरफ बिक्री खाते से 120000 और बाये तरफ क्रय खाते से 100000 और 20000 सकल लाभ आएगा
बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में जीएसटी खाते में 2400 Cr. Balance, 20000 Profit & Loss, Sundry Creditors 12000 Cr. Balance, Sundry Debtors 134400 Dr. Balance और 100000 से Stock कम होकर कुल योग दायित्व का 34400 और सम्पति पक्ष का भी 34400 होगा
मान लीजिये हमको किसी रिसिपिएंट से 120000 का भुगतान प्राप्त हुआ है तो इसकी जर्नल एंट्री क्या होगी -
Cash in Hand A/c Dr. 120000
To Sundry Debtors A/c 120000
इस एंट्री का अंतिम खातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते है -
इस एंट्री का लाभ हानि खाते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन बैलेंस शीट के सम्पति पक्ष में Sundry Debtors 120000 से कम होकर शेष राशि से डेबिट बैलेंस दिखायेगा और एक लाख बिस हजार से Cash in hand वृद्धि होकर शेष राशि डेबिट बैलेंस दिखेगा
इस पुरे लेख को अगर संक्षिप्त रूप से समझे तो यह है की कुल बिक्री और अप्रत्यक्ष आय में से जब हम , सभी खरीद प्रत्यक्ष खर्च अप्रत्यक्ष खर्च घटा देते है तो शेष बची राशि को लाभ हानि खाते में ले जाया जाता है और इन वित्तीय लेन देन से सम्बंधित खाते के शेष बैलेंस शीट में दिखाई पड़ते है इसलिए ऐसे बैलेंस शीट कहते है
दोस्तों आपको ये मेरी जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताये धन्यवाद
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